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Saturday, 15 September 2018

कमज़ोर की मदद करना चाहिए वो किसी भी धर्म का हो दाख्खिन पट्टी रन्नो के इमामबाड़े से बोले एस एम मासूम

 https://www.youtube.com/payameamn
  कमज़ोर की मदद करना चाहिए वो किसी भी धर्म का हो दाख्खिन पट्टी रन्नो के इमामबाड़े से बोले एस एम मासूम

जौनपुर :मुहर्रम के महीने में शोकसभाएं पैगम्बर ऐ इस्लाम हज़रत मुहम्मद ने नवासे और मुसलमानो के खलीफा हज़रत अली के बेटे इमाम हुसैन की शहादत को याद करके मनाई जाती है | इस बार इस एम् मासूम अपने वतन जौनपुर में हैं और अलग अलग इमामबाड़ों से इमाम हुसैन का अमन का भाईचारे का पैगाम दुनिया तक पहुंचा रहे हैं | कभी बड़े इमाम गूलर घाट तो अभी कारंजा खुर्द तो कभी रन्नो |

मुहर्रम की तीसरी को दाख्खिन पट्टी रन्नो के इमामबाड़े  में शोक सभा (मजलिस ) हुयी जिसमे आस पास के साथ गांव के लोग थे | इस मजलिस  को ज़ाकिर ऐ अहलेबैत इतिहासकार और सोशल मीडिया के जानकार एस एम् मासूम ने खिताब किया और लोगों को बताया की दुनिया का हर इंसान जो कमज़ोर है चाहे किसी भी धर्म का हो इस्लाम कहता उस पे रहम करो उसकी मदद करो | जिस हुसैन ने प्यास की हालत में दुश्मन के साथ साथ उसके जानवरों को भी पानी पिलाया उसी हुसैन को कर्बला में तीन दिन का प्यासा शहीद किया गया |


मजलिस के बाद इमाम हुसैन के भाई हज़रात अब्बास का अलम और तुर्बत निकली और अंजुमनों ने नौहा मातम किया साथ में तबल की आवाज़ से हुसैनी पैगाम की विजय का ऐलान हुआ |
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Sunday, 24 December 2017

वृंदावन बन गया घनश्याम दास बैंकर अहाता


श्री श्याम महोत्सव में बही भक्तिगीतों की रसधार, डूब गए श्रोता
   जौनपुर। शहर के उर्दू बाजार स्थित बागीचा घनश्याम दास बैंकर परिसर रविवार को वृंदावन सरीखा नजर आया। मौका था मारवाड़ी युवा मंच द्वारा आयोजित श्रीश्याम महोत्सव का। खांटू वाले श्रीश्याम प्रभु को 56 भोग लगने के बाद सायंकाल शुरु हुए सांस्कृतिक आयोजन में देश के मशहूर भजन गायकों ने भक्तिगीतों की ऐसी रसधार बहाई कि आधी रात के बाद तक श्रोता उसी में डूब गए। गीतों को सुन कर लोग भक्ति विह्वल होकर नाचने-थिरकने लगे।
 
कोलकाता से आए कुशल कारीगरों की गई नयनाभिराम सजावट में अखंड महाज्योति के प्रज्ज्वलन के साथ श्रीश्याम महोत्सव का शुभारंभ हुआ। श्री श्याम महाप्रभु को 56 भोग का महाप्रसाद चढ़ाया गया। सायंकाल शुरु हुआ सांस्कृतिक कार्यक्रम शुरु हुआ। बदायूं से आए भजन गायक संतोष शर्मा फकीरा ने जब सुनाया...जब बिन बोले मिलता तो बोल कर क्या मांगें। तो श्रोता भक्ति में सराबोर होकर थिरकने लगे। संतोष फकीरा के ही भजन...सांची कहे थारे आने से जीवन में आई बहार बाबा सुनाया तो पांडाल में मौजूद हजारों लोगों में कोई करतल ध्वनि तो कोई वाह...वाह करने लगा। भक्ति रस में डूब चुके सैकड़ों लोग नाचने लगे। नानपारा से आए कुमार शानू, कानपुर से आए संदीप शर्मा ने भी श्रोताओं को भक्ति गीतों पर झूमने के लिए मजबूर कर दिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में जीत प्रकाश हरलालका, किशन लाल हरलालका, रमापति केडिया, संजय परशुरामपुरिया, निमित अग्रवाल, कमल अग्रवाल, श्याम मोहन अग्रवाल, मनोज हरलालका, प्रचार मंत्री विजय केडिया, सुधीर केडिया, तन्मय केडिया, निर्भय चंद्र केडिया, अभिषेक अग्रवाल ने अहम भूमिका निभाई। मारवाड़ी युवा मंच के अध्यक्ष संजय केडिया ने सभी के प्रति आभार जताया।

Monday, 18 December 2017

टैैंकर की चपेट में आने से अधेड़ की मौत


दो अन्य सड़क हादसों में आधा दर्जन जख्मी
   जौनपुर। जिले में अलग-अलग स्थानों पर सड़क हादसों में अधेड़ की मौत हो गई जबकि आधा दर्जन अन्य घायल हो गए। घायलों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। शव को पुलिस ने पंचनामा के बाद कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
   शाहगंज संवाददाता के अनुसार सोमवार की सुबह नगर के सुल्तानपुर बाई पास के पास टैंकर से कुचलकर एक अधेड़ की मौत हो गई। सरपतहा थाना क्षेत्र के गजरियां गांव निवासी चन्द्रदेव यादव (55) किसी काम से मोटर साइकल से शाहगंज बाजार जा रहे थे। नगर के नई आबादी बाई पास के पास असुंतलित होकर बाइक सहित गिर गए। उसी समय विपरीत दिशा से आ रहे तेज रफ्तार टैंकर ने कुचल दिया। हादसे में बुरी तरह से घायल चंद्र देव को मौके पर पहुंची पुलिस ने आनन-फानन राजकीय पुरुष चिकित्सालय पहुंचाया। डाक्टरों ने देखते ही मृत घोषित कर दिया। टैंकर चालक फरार हो गया। पुलिस ने टैंकर कब्जे में ले लिया है। शव को पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
   मडिय़ाहूं संवाददाता के मुताबिक नगर के खैरुद्दीनगंज रेलवे क्रासिंग के पास ट्रक की चपेट में आकर बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया। बरसठी थाना क्षेत्र के तेजगढ़ गांव का छोटेलाल मौर्य (45) अपने बेटे को बाइक से मडिय़ाहूं पहुुुंचाने आ रहा था। रेलवे क्रासिंग के पास ओवरटेक करने के प्रयास में ट्रक की चपेट में आ जाने से बुरी तरह घायल हो गया। उसका बेटा बाल-बाल बच गया। उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में ले लिया है। डोभी संवाददाता के अनुसार चंदवक बाजार से सवारियां लेकर पतरहीं जा रहा आटो रिक्शा सामने से आ रही बोलेरो के धक्के से पलट गया। आटो रिक्शा पर सवार सिंटू पाल पुत्र रामसमुझ पाल निवासी चक्रपाणिपुर, सरिता सिंह पत्नी हरि नारायण सिंह निवासी चिटको व उनकी सास अभिराजी देवी तथा किशोरी बेटी दिव्या सिंह घायल हो गई। आटो चालक मनोज प्रजापति पुत्र मुखराम प्रजापति को भी गंभीर चोटें आईं। गंभीर रूप से घायल सरिता सिंह व चालक को डाक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया।

Sunday, 17 December 2017

लेन-देन को लेकर रची थी साजिश


लूट की घटना का खुलासा 
   सिंगरामऊ। क्षेत्र के रजनीपुर रेलवे क्रासिंग के पास 12 दिसंबर की रात 9 बजे डॉ. आदित्य नारायण मौर्य, निवासी मल्लूपुर के साथ घटित लूट की घटना पुलिस की जांच में फर्जी साबित हुई। इसकी पहली वजह यह रही कि आरोपी और इसके बीच पैसे के लेन-देन को लेकर विवाद था। जिसे सुलझाने के लिए साजिश रची गई और 12 दिसम्बर की रात नौ बजे दो लाख की लूट की कहानी बनाकर राजेश मौर्या को नामजद कराते हुए चार के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया। यह मामला पुलिस की जांच में सामने आया है कि उसके और आरोपी के  बीच पैसे के लेन-देन को लेकर विगत छह महीने से विवाद चल रहा था।  जिसकी वजह से आरोपी राजेश कर्ज होने के चलते घर छोड़कर मऊ में रह रहा था। पैसे के लिए ही वह घर नहीं आ रहा था, ऐसे में  उसे सामने लाने के लिए लूट की घटना रची गई। और इसी में  राजेश मौर्य पुत्र सोहन मोर्य निवासी खमपुर, थाना बदलापुर, को फसाने के उद्देश्य से यह कहानी गढ़ी गई।  इसी विवाद को लेकर उक्त लूट की घटना रची गई जो पुलिस जांच में फर्जी साबित हुई। थानाध्यक्ष योगेंद्र सिंह ने बताया की घटना की जांच में यह तथ्य सामने आया है और लूट की घटना पूरी तरह निराधार है। अब पुलिस द्वारा वादी के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।

Tuesday, 12 December 2017

स्वर्ण ब्यवसायी से आभूषण व मोबाइल की लूट


   खुटहन (जौनपुर)। थाना क्षेत्र के जौकाबाद गांव के पास से मंगलवार को सायंकाल बदमाशों ने सराफा कारोबारी से तमंचे के बल पर सोने के आभूषण और मोबाइल फोन लूट लिया। जाते समय बदमाश उसकी मोटर साइकिल की चाबी भी छीन ले गए। खबर मिलने पर पुलिस मौका मुआयना करने के बाद लुटेरों की तलाश में जुट गई है।
   इसी थाना क्षेत्र के इमामपुर निवासी राजू सोनी की पनौली बाजार में सोने-चाँदी के आभूषण की दुकान है। आम दिनों की तरह मंगलवार की शाम वह दुकान बंद कर मोटर साइकिल से घर वापस लौट रहा था। बाजार के बगल अंबेडकर प्रतिमा से आगे बढऩे पर बाइक पर सवार दो युवक घात लगा कर उसका पीछा करने लगे। समानांतर बाइक लेकर चल रहे दोनों नकाबपोश बदमाशों पर उसे शक नहीं हुआ। जौकाबाद गाँव में सुनसान स्थल के पास दोनों ने ओवरटेक कर उसे रोक लिया। खतरा भांप कर राजू सोनी भागने का प्रयास करने लगा लेकिन बदमाशों ने उसे दबोच लिया। तमंचा सटा कर आतंकित करते हुए उसकी जेब में मौजूद पंद्रह ग्राम वजनी सोने के झमुके और झाला लूट लिया। उसके जेब में मौजूद मोबाइल फोन भी छीन लिया। बदमाशों ने उसकी बाइक की चाबी भी छीन ली और खुटहन की तरफ भाग गए। उसके शोर मचाने पर आस-पास के ग्रामीण जुट गए। घटना की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस सराफा कारोबारी से बदमाशों का हुलिया आदि पूछने के बाद उनकी तलाश में जुट गई। खबर देने तक काफी भाग-दौड़ के बाद भी पुलिस उनका कोई सुराग नहीं पा सकी। जिले में आए दिन हो रही लूट की घटनाओं से कारोबारियों में दहशत फैल गई है। 

Sunday, 26 November 2017

मुसलमान अपने हालात के लिए खुद जिम्मेदार


मौलाना आयतुल्लाह अकिकुल ने कहा, रसूल की सीरत पर करें अमल 
कांग्रेस नेता सिराज मेंहदी की मां की इसाले सवाब की मजलिस संपन्न 
   जौनपुर। लंदन के प्रख्यात मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना आयतुल्लाह अकिकुल गरवी ने कहा आज के दौर में मुसलमान अपने हालात के लिए खुद जिम्मेदार हंै। अगर मुसलमान रसूले पाक की सुन्नतों पर अमल करें तो दुनिया व आखिरत में उनका सर ऊंचा उठेगा। इसलिए हमे अल्लाह के नबी द्वारा बताए रास्ते पर चलना चाहिए। वह रविवार को खेतासराय क्षेत्र के कलांपुर में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी माइनारिटी डिपार्टमेंट के चेयरमैन हाजी सिराज मेंहदी की माता स्वर्गीय हसन बांदी की चालीसवें की इसाले सवाब की मजलिस को खेताब करते हुए कही।
 
उन्होंने  कहा कि इस्लाम की बका के लिए हजारों कुर्बानियां दी गई, जिसके बाद इस्लाम हम तक पहुंचा है। मौजूदा दौर में मुसलमान के जो हालात हैं उसके लिए कोई और नहीं वह खुद जिम्मेदार हैं। आज का मुसलमान अल्लाह के नबी द्वारा बताये रास्ते से भटक गया है। हमें अल्लाह व उसके रसूल के बताए नेक रास्ते पर चलना चाहिए। उन्होंने मां बाप की खिदमत करने पर जोर देते हुए कहा कि उनकी खिदमत करने से अल्लाह खुश होता है और जन्नत में मुकाम अता फरमाता है। मौलाना ने मौला-ए-कायनात हजरत अली की भी फजीलत बयान की। उन्होंने नाना के दीन के लिए इमाम हुसैन द्वारा करबला में दी गई कुर्बानी का भी जिक्र किया। मजलिस में मरसियाख्वानी समर रज़ा व हमनवां ने की। पेशखानी मंजऱ भोपाली, नायाब हल्लौरी, अंज़ार सीतापुरी, नैय्यर जलालपुरी, डॉ पीसी विश्वकर्मा ने किया। इस मौके पर शिया धर्मगुरु मौलाना सफ़दर हुसैन ज़ैदी, मौलाना हसन मेंहदी, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सुखदेव राजभर, देवव्रत मिश्रा, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष एसपी सिंह, साजिद हमीद, आफताब खान, डॉ शौकत, आज़मगढ़ के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष एजाज़ अहमद, बॉम्बे मरकंटाइल बैंक के चेयरमैन ज़ीशान ज़ैदी, राजेश सिंह, मोहम्मद नकी, नफ़ीस, फहमी, जऱगाम हैदर, नजमुल हसन नजमी , मोहम्मद हसन नसीम , मिजऱ्ा जावेद सुल्तान के साथ हज़ारो की संख्या में लोग मौजूद रहे। हाजी सिराज मेंहदी ने आये हुए लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।

जायरीनों की उमड़ी भीड़, पेश की नजराने अकीदत



हजरत हम्जा चिश्ती का सालाना उर्स संपन्न 
   जौनपुर। हजरत हम्जा चिश्ती का 542 वां सालाना उर्स विशेषरपुर स्थित दरगाह शरीफ में शनिवार को मनाया गया। पूरी रात हजरत हम्जा चिश्ती की शान में सुफियाना कौव्वाली का दौर चला। रविवार को सवेरे कुल शरीफ पढऩे के बाद जिले और मुल्क में अमन और तरक्की की दुआ की गई।
   इससे पहले शनिवार की सुबह चार बजे गुस्ल मजार शरीफ हुआ। तिलावते कलाम पाक से उर्स का आगाज हुआ। इसके बाद गागर और चादरपोशी का कार्यक्रम हुआ। हजरत मौलाना मोहिउद्दीन हश्शाम ने तकरीर की। बाद नमाज जोहर नातिया मुशायरा में शहर की तमाम शोअरा-ए-कराम ने नजराने अकीदत पेश किया। ऐतिहासिक परंपरा के अनुसार जुलूसे चादर व गागर सेंट पैट्रिक स्कूल के सामने से उठकर मजार शरीफ पहुंचा। चादरपोशी और गुलपोशी हुई। पूर्व विधायक हाजी अफजाल अहमद की सरपरस्ती में 35 वां राष्ट्रीय एकता सम्मेलन हुआ। पूर्व मंत्री पारस नाथ यादव, पं. अवधेश चतुर्वेदी, जिला पंचायत अध्यक्ष राज बहादुर यादव, नगर पालिका परिषद के पूर्व अध्यक्ष दिनेश टंडन, पूर्व विधायक शचींद्र नाथ त्रिपाठी, बिजली विभाग के कर्मचारी नेता निखिलेश सिंह, आदर्श सेठ, नगर पालिका परिषद चुनाव में अध्यक्ष पद की सपा प्रत्याशी पूनम मौर्या, राजन सिंह, नवीन सिंह बसगोती, संजय जंडवानी, रवि मिंगलानी, सोमेश्वर केसरवानी, कैलाश यादव, डा. हनीफ अंसारी, तुफैल अंसारी, शमीम अहमद, शान मोहम्मद रहीमी आदि ने गंगा-जमुनी तहजीब पर रोशनी डाली। पूरा समारोह हसन मंजूर अब्बासी सज्जादा नसीन वलीदपुर शरीफ मऊ की देखरेख ेमें हुआ। अध्यक्ष शब्बीर कुरैशी ने मेहमानों का स्वागत किया। संचालन मौलाना नसीम रजा और संजीव यादव ने संयुक्त रूप से किया। आभार संयोजक अरशद कुरैशी ने व्यक्त किया।

Monday, 20 November 2017

सड़क हादसों में युवक की मौत, छात्रा घायल



सिकरारा के शेरवां बाजार में अनियंत्रित बाइक दुकान के चबूतरे से टकराई 
खेतासराय के खुदौली में बाइक ने साइकिल सवार छात्रा को मारी टक्कर 
   जौनपुर। अलग-अलग स्थानों पर सड़क दुर्घटनाओं में युवक की मौत हो गई और छात्रा गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सोंधी में भर्ती कराया गया है। शव को पुलिस ने पंचनामा के बाद कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
सिकरारा संवाददाता के अनुसार स्थानीय थाना क्षेत्र के महेशपुर गांव का नितेश उपाध्याय (20) पुत्र इंद्र बहादुर उपाध्याय रविवार को मोटर साइकिल से बदलापुर बारात में शामिल होने गया था। देर रात वह घर वापस लौट रहा था। इसी थाना क्षेत्र के शेरवां बाजार के पास तेज रफ्तार बाइक दुकान में बांधे गए बांस से टकराने के बाद अनियंत्रित होकर चबूतरे से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि हेलमेट टूट गया। सिर में गहरी चोट आने से मुंह से खून बहने लगा। टक्कर से हुई आवाज सुनकर आस-पास के लोग जाग गए। उन्होंने यूपी-100 पर पुलिस को सूचना देने के साथ ही 108 नंबर पर कॉल कर एंबुलेंस बुलाई। पुलिस ने उसे आनन-फानन जिला अस्पताल पहुंचाया जहां डाक्टरों ने देखते ही मृत घोषित कर दिया। हादसे की खबर लगते ही इंद्र बहादुर उपाध्याय के घर कोहराम मच गया। रोते-बिलखते परिजन रात में ही अस्पताल पहुंच गए। सोमवार को पुलिस ने पंचनामा के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। दीवानी न्यायालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी इंद्र बहादुर उपाध्याय के चार पुत्रों में मृत नितेश तीसरे नंबर पर था।
खेतासराय संवाददाता के मुताबिक नगर के सरवरपुर मोहल्ला की संजू (16) पुत्री हीरा लाल सर्वोदय इंटर कालेज खुदौली में इंटर मीडिएट की छात्रा है। वह रोज की तरह साइकिल से कालेज गई थी। सोमवार को सायंकाल छुट्टी के बाद घर वापस लौट रही संजू मैनुद्द्दीनपुर गांव के पास पहुंची तो सामने से तेज गति से आ रहे बाइक सवार ने टक्कर मार दी। वह बुरी तरह से जख्मी हो गई। हादसे के बाद प्रत्यक्षदर्शियों ने बाइक सवार युवक को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया। घायल छात्रा को उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सोंधी में भर्ती कराया गया है।

Saturday, 18 November 2017

डिग्री कालेजों के लिए नैक मूल्यांकन आवश्यक: प्रो. राजाराम यादव



नैक मूल्यांकन आवश्यकता एवं उपयोगिता विषयक एक दिवसीय कार्यशालाका आयोजन
 
   जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता प्रकोष्ठ द्वारा शनिवार को संकाय भवन के कांफ्रेंस हाल में महाविद्यालयों में नैक मूल्यांकन आवश्यकता एवं उपयोगिता विषयक एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में अपने अध्यक्षीय संबोधन में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डा. राजाराम यादव ने कहा कि महाविद्यालयों के लिए नैक मूल्यांकन जरुरी है। इससे सुधार की प्रेरणा मिलती है और हम अपनी कमियों को दूर करके नई ऊर्जा के साथ तैयारी करते हैं।
महाविद्यालयों को इससे डरने की जरुरत नहीं है। उन्होंने कहा कि नैक मूल्यांकन से संस्थान की प्रतिष्ठा भी बढ़ती है और इसमें काम करने वालों का मनोबल बढ़ता है। इस अवसर पर मुख्य अतिथि क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डा. केके तिवारी ने कहा कि नैक कराने के लिए महाविद्यालय के भौतिक संसाधनों की अपग्रेडिंग जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह सतत प्रक्रिया है। इसी का आकलन नैक मूल्यांकन में होता है। महाविद्यालय शिक्षक शिक्षण के लिए परंपरागत ढंग से जगह आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करें। साथ ही रिसर्च को महत्व देने की भी जरूरत है। उनका मानना है कि शिक्षक की क्लास का काम घर से ही शुरू हो जाता है। वह प्लान करके चलता है कि क्लास में कैसे और किस डिवाइस से क्या पढ़ाना है। उन्होंने कहा कि शिक्षक की जवाबदेही समाज के प्रति है, इसलिए उसे जागरुक रहने की जरूरत है। स्वागत सयोंजक डा. मानस पांडे ने कार्यशाला के विषय पर प्रकाश डाला। डा. अविनाश पाथर्डीकर, डा. राजेश शर्मा ने नैक की तैयारी कैसे करें विषय पर अपनी बात रखी। महाविद्यालयों से आये शिक्षकों ने भी अपने विचार व्यक्त किये।  नैक कराने वाले महाविद्यालयों के प्राचार्यों/आईक्यूएसी संयोजकों को विश्वविद्यालय के कुलपति ने सम्मानित किया। जिसमें प्राचार्य डा. विनोद सिंह, डा. रमेश मणि त्रिपाठी, डा. विजय प्रताप तिवारी, डा. अरुण कुमार, डा. चंद्र वर्मा, डा. भूपेंद्र श्रीवस्तव रहे। कार्यक्रम का संचालन सह संयोजक डा. राजेश शर्मा और धन्यवाद ज्ञापन डा. धर्मेंद्र सिंह ने किया। इस अवसर पर डा. अजय प्रताप सिंह, डा. कौशलेन्द्र विक्रम मिश्र, डा. डीपी सिंह, डा. वीडी शर्मा, डा. अरुण कुमार, डा. विवेक पांडेय, डा. मनोज मिश्र, डा. दिग्विजय सिंह राठौर, डा. सुनील कुमार, डा. राम आसरे शर्मा, डा. नीलेश कुमार पांडेय, डा. प्रवीण कुमार, डा. राम जी पाठक समेत तमाम शिक्षक मौजूद रहे।

Friday, 17 November 2017

हाय रसूले खुदा, हाय इमामे हसन.

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हजरत मोहम्मद मुस्तफा व इमाम हसनकी शहादत पर निकाला जुलूस
अंजुमनोंने नौहा मातम कर पेश किया नजराने अकीदत
   जौनपुर। पैगम्बरे इस्लाम हजरत मोहम्मद मुस्तफा स.अ. व उनके बड़े नवासे इमाम हसन की शहादत पर शुक्रवार को नगर के कई स्थानों पर शबीहे ताबूत, अलम व तुरबत का जुलूस निकाला गया। जिसमें शहर की मातमी अंजुमनों ने नौहा मातम कर उन्हे नजराने अकीदत पेश किया। गौरतलब हो किया 27 व 28 सफर को पूरी दुनिया में इनका गम मनाया जाता है। नगर के बारादुअरिया मोहल्ला स्थित इमाम बारगाह मीर हैदर मरहूम में भी अमारी का जुलूस निकाला गया।
जिसमें सोजख्वानी शबाब हैदर व उनके हमनवा ने किया। पेशख्वानी सै. हेजाब जौनुपरी, साबिर आजमी, तनवीर जौनपुरी ने किया। शिया धर्मगुरु मौलाना सैयद सफदर हुसैन जैदी ने मजलिस को खेताब करते हुए बताया कि आज ही के दिन पैगम्बरे इस्लाम हजरत मोहम्मद मुस्तफा स.अ. की शहादत मक्का मदीना में हुई थी और उनके बड़े नवासे हजरत इमाम हसन को भी आज ही के दिन दुश्मनों ने जहर देकर शहीद किया था। रसूले खुदा एवं उनके बड़े नवासे हजरत इमाम हसन का जनाजा उठाकर दफना दिया गया था पर अफसोस कि हजरत इमाम हुसैन को तीन दिन का भूखा प्यासा करबला के मैदान में शहीद कर दिया गया था और उन्हें दो गज जमीन भी मयस्सर नहीं हुई थी। मजलिस के बाद शबीहे ताबूत अलम व जुल्जनाह बरामद हुआ। अमारियों का तआर्रुफ बेलाल हसनैन ने कराया। जुलूस में शहर की सभी प्रमुख मातमी अंजुमनों ने नौहा मातम कर शहीदों को पुरसा दिया। आखिरी तकरीर मौलाना शेख हसन जाफर ने किया। इस मौके पर नफीस हैदर, शाहिद हुसैन, रियाजुल हसन, शबीहुल हसन आदि मौजूद रहे। आभार बानीए जुलूस अमीर हैदर अम्मन ने किया। वहीं हाइडिल स्थित शाह का पंजा कदम रसूल दरगाह से जुलूस अंजुमन कौसरिया के नेतृत्व में निकाला गया। साथ ही शहर की सभी अंजुमनों के अलावा अंजुमन अजादारे हुसैनी जलालपुर, अम्बेडकरनगर से आयी अंजुमन ने अपने दर्द भरे नौहे पढ़कर नजराने अकीदत पेश किया। मजलिस को खेताब जलालपुर अम्बेडकरनगर से आये मौलाना सईद हसन रजाई ने किया। उसके बाद अंजुमनों ने अपने दर्द भरे नौहे पढ़ते हुए जुलूस को शाह का पंजा स्थित दरगाह ले गये जहां डा. कमर अब्बास ने तकरीर की। इसके बाद शबीहे ताबूत को तुर्बत से मिलाया गया और शाहपंजा इमामबाड़े में सुपुर्द-ए-खाक किया। जुलूस के संयोजक कल्बे अब्बास अच्छे ने लोगों का आभार प्रकट किया। इसी क्रम में हुसैनिया नकी फाटक में अंजुमने जुल्फे कारिया के तत्वावधान में जुलूस का आयोजन किया गया। सोजख्वानी मो. जाफर व उनके हमनवां ने किया। शिया धर्म गुरु व इमामे जुमा मौलाना महफूजुल हसन खान ने मजलिस को खेताब किया। तकरीर सै. मोहम्मद हसन ने किया। ताबुत, अलम व जुल्जनाह के हमराह शहर की सभी अंजुमने नौहा मातम करती हुई वक्फ बिकानी बीबी तक गया, जहां से जुलूस पुन: इमाम बारगाह लौटकर समाप्त हुआ।

Wednesday, 15 November 2017

प्रचार सामग्री पर मुद्रक व प्रकाशक का नाम होना जरूरी


चुनाव वाहनों के लिए निर्वाचन अधिकारी से अनुमति लेना आवश्यक 
   जौनपुर। जिला मजिस्टे्रट / जिला निर्वाचन अधिकारी डा. सर्वज्ञ राम मिश्र ने कहा है कि स्थानीय नगर निकाय चुनाव-2017 को सकुशल, शान्तिपूर्ण, निष्पक्ष सम्पन्न कराने के लिए आर्दश आचार संहिता लागू है। इसके तहत उम्मीदवार किसी भी सार्वजनिक सम्पत्ति या सार्वजनिक स्थल पर सम्बन्धित दल या उम्मीदवार के पोस्टर, पर्ची, बैनर और झण्डे आदि प्रदर्शित नहीं कर सकता।
उन्होंने हिदायत दी है कि कोई भी मुद्रक या प्रकाशक या कोई व्यक्ति ऐसी कोई निर्वाचन/प्रचार सामाग्री जिसके मुख्य पृष्ठ पर उसके मुद्रक व प्रकाशक का नाम और पता व संख्या न हो मुद्रित या प्रकाशित नहीं करेगा और न ही मुद्रित या प्रकाशित करायेगा। मुद्रण के अन्तर्गत फोटो कापी भी सम्मिलित होगी। चुनाव प्रचार हेतु वाहनों के प्रयोग के लिए आरओ से अनुमति लेना अनिवार्य है। चुनाव प्रचार हेतु लाउडस्पीकर एवं साउण्ड बाक्स का प्रयोग पूर्वानुमति लेकर ही करेंगे और इनका प्रयोग रात्रि 10 बजे से प्रात: 6 बजे तक प्रतिबन्धित रहेगा। स्थायी तौर पर लाउडस्पीकर एवं साउण्ड बाक्स नहीं स्थापित किये जायेंगे। यदि स्थानीय विधि/उपविधियों के अनुसार दीवार पर लिखने और पोस्टर चिपकाने, निजी परिसरों/सम्पत्तियों पर होर्डिंग तथा बैनर आदि लगाने की अनुमति है तो ऐसे परिसरों/सम्पत्तियों के स्वामी से पूर्व लिखित अनुमति प्राप्त करना आवश्यक है। उम्मीदवार से यह अपेक्षा की जाती है कि वह सम्पत्तियों/परिसरों के स्वामी से पूर्व लिखित अनुमति प्राप्त करें और ऐसी अनुमति की छाया प्रति रिटर्निंग अधिकारी या उसके द्वारा उक्त प्रयोजनार्थ पदाभिहित अधिकारी को तीन दिन के भीतर प्रस्तुत किया जाएगा। उम्मीदवार मोटर वेहिकिल एक्ट के उपबन्धों के अधीन जुलूस के दौरान वाहन पर अपने दल या अपना स्वयं का एक पोस्टर/विज्ञापन/बैनर/झण्डा प्रदर्शित कर सकता है/ले जा सकता है। राजनैतिक दलों और उम्मीदवारों द्वारा पर्यावरण संरक्षण के हित में प्लास्टिक/पालिथीन के पोस्टर एवं बैनर आदि का प्रयोग किए जाने पर प्रतिबंध है। मतदाताओं के शिक्षित करने के प्रयोजनार्थ उम्मीदवार द्वारा डमी ईवीएम बैलेट यूनिट तैयार करायी जा सकती है। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा मतदान में उपयोग हेतु उपलब्ध करायी जाने वाली बैलेट यूनिट के आकर से आधे भाग के बाराबर, डमी बैलेट यूनिटों का निर्माण कराया जा सकता है। जो लकड़ी, प्लास्टिक या प्लाईबोर्ड के बाक्सों से निर्मित होगी और जिन्हें भूरे, पीले या ग्रे रंग में रंगा जा सकता है।

Friday, 10 November 2017

जब कट गये दरिया पर अब्बासके बाजू..



गमगीन माहौलमें मनाया गया शहीदाने करबलाका चेहलुम
कहीं सुपुर्द-ए-खाकतो कहीं सुपुर्द-ए-आब किये गये ताजिये
  जौनपुर। कर्बला के शहीदों का चेहलुम जिले में शुक्रवार को गमगीन माहौल में अकीदत के साथ मनाया गया। इस मौके पर जगह-जगह मजलिसें आयोजित हुई। जिसके बाद इमाम चौकों पर रखे गये ताजिये, शबीहे तुर्बत, अलम, जुलजनाह के साथ जुलूस करबला पहुंचा जहां गंजे शहीदों में ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। नगर में मुफ्ती मोहल्ला, अली घाट और मोहल्ला कटघरा, बख्शा के रन्नो गांव में परम्परा के अनुसार ताजिये का जुलूस निकालकर नौहा मातम करती हुई अंजुमनों ने तुरबत व ताजियों को सुपुर्द-ए-आब किया। मुफ्ती मोहल्ला में गोमती नदी के अली घाट पर जबकि रन्नो में करबला के तालाब पर ताजियों को सुपुर्द-ए-आब किया गया।
नगर के मुफ्ती मोहल्ला का जुलूस गोमती नदी के अली घाट पर स्थित इमाम बारगाह से अंजुमन सज्जादिया के नेतृत्व में जुलस निकाला गया। इसके पूर्व मौलाना महफूजुल हसन ने मजलिस को खेताब करते हुए कहा कि करबला में हजरत इमाम हुसैन व उनके 71 साथियों की शहादत के बाद यजीदी हुकूमत ने उनके परिवार पर जुल्म ढाये यहां तक की महिलाओं को कैदी बनाकर बेपर्दा मदीना व कूफे की गलियों में घुमाया गया। सबसे पहले इमाम हुसैन की बहन जनाबे जैनब ने अपने भाई का चेहलुम मनाया आज हम सब मिलकर दरिया के किनारे उनके चेहलुम मना रहे है। इसके बाद जुलजनाह, अलम व ताबूत निकाला गया। मौलाना हसन अकबर ने अमारियों का ताअर्रुफ कराया। जिसके बाद ताजिये के साथ अमारियां बरामद हुई। जिसके हमराह नगर की सभी अंजुमनें नौहा मातम करती हुई गोमती नदी के अली घाट तट पर पहुंची जहां मौलाना रजी हैदर बिस्वानी व डा. कमर अब्बास ने तकरीर किया जिसके बाद अलम व तुर्बत को मिलाया गया। व्यापार मण्डल अध्यक्ष इंद्रभान सिंह इंदू ने कहा कि इमाम हुसैन की कुर्बानी का गम आज न सिर्फ मुसलमान बल्कि हिन्दू भी मनाता हैं। सुरक्षा के लिए शहर कोतवाल शशिभूषण राय अपने दल बल के साथ मौजूद रहे। इस मौके पर जुलूस संयोजक सैयद मेहदीउल हसन व हसन जाहिद खां बाबू ने लोगों का आभार प्रकट किया। इस मौके पर हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे। संचालन असलम नकवी व बाकर मेंहदी ने किया। अली कमेटी, हुसैन कमेटी, अब्बास कमेटी, हेजबुल्ला कमेटी के लोगों ने शबील का इंतजाम किया था। इसी क्रम में नगर के कटघरा मोहल्ले का जुलूस अपरान्ह तीन बजे उठाया गया। इसके पूर्व शिया धर्म गुरू मौलाना सफदर हुसैन जैदी ने मजलिस को खेताब किया। इसके बाद शबीहे जुलजनाह अलम, शबीहे ताबूत व ताजिये उठाये गये जिसके हमराह अंजुमन हुसैनिया बलुआघाट नौहा व मातम करती हुई कदीम रास्तों से होते हुए स्थानीय करबला में मौलाना की तकरीर के बाद तुरबत व ताजियों को सिपुर्द-ए-खाक किया गया।

Thursday, 9 November 2017

आज जैनब भाई पर आंसू बहाने आई है..


भारी भीड़के बीच गमगीन माहौलमें सम्पन्न हुआ चेहलुम
 
   जौनपुर। शीराजे हिन्द का एतिहासिक चेहलुम गुरुवार को भारी भीड़ के बीच गमगीन माहौल में सम्पन्न हुआ। इस दौरान सैयदा के लाल का चेहलुम मनाने आयी हैं, आज जैनब भाई पे आंसू बहाने आयी हैं का मातमी नौहा गूंजता रहा।
सैकड़ों वर्ष पुराना जिले का चेहलुम देश में अपना अलग स्थान रखता है। इसे देश में अजादारी का केंद्र माना जाता है। इसी स्र5म में बुधवार की रात बाजार भूआ स्तिथ इस्लाम चौक पर ताजिया रखा गया। ताजिये की जियारत के लिए रात भर अकीदतमंदों की भीड़ उमड़ती रही। इसके बाद मजलिस हुई जिसे मौलाना कैसर नवाब ने खेताब फरमाया। अलविदाई मजलिस को तड़के मौलाना बिलाल हसनैन ने खेताब करते हुए कहा कि इमाम हुसैन को बेकफन दफन किया गया। लुटे कुनबे को जगह-जगह घुमाया गया और यजीद ने चेहलुम नहीं मनाने दिया। रात भर अन्जुमनों ने नौहा मातम किया। अन्त में दहकती हुई जंजीरों का मातम गुलशने इस्लाम ने किया तो लोगों की आंखों से आंसुओ का सैलाब उमड़ पड़ा। गुरुवार को अपराह्न एक बजे मजलिस शुरू हुई। इसे मौलाना नदीम रजा जैदी फैजाबादी ने खेताब किया। बाद खत्म मजलिस इमामबाड़े से फूलों से लदी तुरबत निकाली गयी। इसे देखकर लोग फफक-फफक कर रोने लगे। यहां विभिन्न सम्प्रदायों के लोगों ने मन्नतें मांगी। तुरबत और ताजिये का जुलूस अन्जुमन गुलशने इस्लाम के हमराह अपने कदीमी रास्ते पानदरीबा रोड, काजी की गली, मस्जिद तला रोड होता हुआ बेगमगंज स्तिथ सदर इमामबाड़े में खत्म हुआ। सूर्यास्त होते ही सैकड़ों ताजियों के साथ इस्लाम चौक के 10 फीट के ताजिये एवं तुरबत को दफन कर दिया गया। यहां हजारों लोगों ने शहीदों को पुरसा दिया। चेहलुम कमेटी के संयोजक हाजी असगर हुसैन जैदी ने बताया कि प्रत्येक वर्ष इस्लाम की चौक का चेहलुम एक दिन पूर्व ही मनाया जाता है। पूरे देश में कहीं और चेहलुम न मनाये जाने से इस चेहलुम में शिरकत करने के लिए देश के अधिकांश भागों से जायरीन यहां आते है। इसे एक दिन पूर्व मनाए जाने में इसका अपना एक महत्व है। बताते हैं कि किसी जमाने में मोहल्ला निवासी शेख मोहम्मद इस्लाम एक मामले में फंसा दिए गए थे और जेल हो गई थी। वह अंग्रेजी हुकूमत का दौर था। चेहलुम करीब आते मोहम्मद इस्लाम इस अफसोस में थे कि हर साल की तरह इस साल ताजिया नहीं सजा पायेंगे। लेकिन उन्होंने मन्नत मांगी और एक दिन पहले ही उनकी हथकडिय़ा और जेल का दरवाजा अपने आप खुल गया। इस चमत्कार को देख अंग्रेजी अफसर भौचक रह गए और उन्हें रिहा कर दिया गया। रिहाई के बाद उसी दिन उन्होंने ताजिया सजा कर रखा और तभी से यह चेहलुम एक दिन पहले ही मना लिया जाता है। अन्त में असगर हुसैन जैदी ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। संचालन अकबर हुसैन जैदी ने किया। इस मौके पर इस्लाम चौक के मुतवल्ली नजमुल हसन जैदी, कबीर जैदी, मौलाना सफदर हुसैन जैदी, लाडले जैदी, शाहिद जैदी, पूर्व एमएलसी सिराज मेंहदी, कमर जौनपुरी, शिया जागरण मंच के अध्यक्ष मौलाना हसन मेहदी, मिर्जा जावेद सुल्तान, नजमुल हसन नजमी सहित भारी संख्या में लोग मौजूद रहे।

Tuesday, 31 October 2017

हरि प्रबोधिनी एकादशी आस्था के साथ मनी


घर-घर में महिलाओं ने संपन्न कराया तुलसी विवाह
घरों की हुई आकर्षक सजावट, जमकर छोड़े गए पटाखे
   जौनपुर। हरि प्रबोधिनी एकादशी मंगलवार को शहर और पूरे जिले में आस्था के साथ मनाई गई। इस मौके पर हिंदू मतावलंबियों ने घरों को दीपक, बिजली के झालरों आदि से आकर्षक ढंग से सजाया। रात में जम कर आतिशबाजी भी की। घरों में महिलाओं ने माता तुलसी के विवाह की रस्म भी निभाई।
हरि प्रबोधिनी एकादशी मनाए जाने की मान्यता पौराणिक काल से चली आ रही है। परंपरानुसार ईंख, सिंघाड़ा, शकरकंद, मूली, गुड़ आदि से घर-घर में पूजन हुआ। इसे प्रसाद के रूप में ग्रहण किया गया। घरों ेमें महिलाओं ने तरह-तरह के पकवान बनाए। सायंकाल घरों और मंदिरों को बिजली के झालरों, दीपकों आदि से आकर्षक ढंग से सजाया गया। उन घरों में तो यह पर्व दीपावली की तरह मनाया गया जहां किन्हीं कारणों से दीपावली नहीं मनाई जाती। उन्होंने घरों की साफ-सफाई की। देर रात तक बच्चे और युवक पटाखे दागते रहे। घरों में महिलाओं ने रात में तुलसी माता का पूरी परंपरा के अनुसार विवाह संपन्न कराया। ग्रामीणांचलों में भी हरि प्रबोधिनी एकादशी श्रद्धा के साथ मनाई गई। केराकत, डोभी, मुफ्तीगंज, शाहगंज, खेतासराय, खुटहन, बदलापुर, सिंगरामऊ, मडिय़ाहूं, रामपुर, मछलीशहर, मुंगराबादशाहपुर, गौराबादशाहपुर, जफराबाद, जलालपुर, त्रिलोचन महादेव, मल्हनी आदि इलाकों में भी यह पर्व हिंदू मतावलंबियों ने पूरी आस्था के साथ मनाया।

Sunday, 29 October 2017

मैय्यत पर शाहज़ादी की गुरबत बरसती है


अंजुमन जाफरिया की शब्बेदारी में कर्बला के शहीदों को किया गया याद
रातभर चला नौहा व मातम का दौर, मेहमान अंजुमनों ने पेश किये कलाम
जौनपुर। शीराज-ए-हिंद की गंगा जमुनी तहजीब को अपने दामन में समेटे और हिन्दू मुस्लिम एकता की प्रतीक अंजुमन जाफरिया के तत्वावधान में कर्बला के प्यासे शहीदों की याद किया गया। मखदूम शाह अढऩ स्थित मरहूम कल्लू इमामबाड़ा में शनिवार की रात से शुरू कदीम तरही शब्बेदारी रविवार की सुबह तक चली। शब्बेदारी में देश-विदेश से आये सोगवार ने लगातार मातम कर आंसुओं का नजराना इमाम हुसैन को पेश कर फफक-फफक कर रोते रहे। जलालपुर से आई अंजुमन सज्जादिया ने नौहा ..मैय्यत पर शाहज़ादी की ग़ुरबत बरसती है... पढ़ा तो मौजूद मातमदारों की आंखों से आंसुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। इस आल इंडिया शब्बेदारी में जहां दर्जनों अन्जुमनों ने मातम किया वहीं सभी वर्ग के शायरों ने बारगाहे इमाम में कलाम पेश कर देश की एकता अखंडता की डोर को और मजबूत किया।
शब्बेदारी की मजलिस को खेताब करते हुए मौलाना ज़मीर हैदर ने कहा कि इस्लाम धर्म के प्रवर्तक हजरत मोहम्मद साहब के नवासे इमाम हुसैन ने जो कर्बला में शहादत दी है। उसकी आज तक कहीं कोई मिसाल नहीं है। उन्होंने कहा कि शिया मुसलमानों के जन्म का मकसद ही इमाम हुसैन की शहादत पर आंसू बहाना है। शिया वर्ग के लोग इमाम हुसैन की मां फातिमा जेहरा की तमन्ना हैं। मजलिस की सोजख्वानी समर रजा वा अफरोज रजा ने किया। पीसी विश्वकर्मा, शोला जौनपुरी, नातिक गाजीपुरी, तनवीर जौनपुरी आदि शायरों ने शब्बेदारी की तरह पे अपने कलाम पेश किए। प्रदेश के कई जनपदों से आयी अन्जुमनों में मुख्य रूप से मुहाफिज-ए-अजा कदीम इलाहाबाद, सज्जादिया नगपुर जलालपुर, हैदरी वाराणसी, हुसैनिया मऊ, मासूमिया फैज़ाबाद, जि़न्तुल इमाम बाराबंकी ने नौहा व मातम किया। शब्बेदारी की अंतिम तकरीर को मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना सफदर हुसैन जैदी ने खेताब करते हुए कर्बला के दिलसोज मंजर को ऐसा बयां किया कि चारों ओर से लोग चीख-पुकार करने लगे। इसके बाद शबीह अलम व ताबूत निकला। अंत में अंजुमन जाफरिया के अध्यक्ष एवं शिया कालेज के प्रबंधक नजमुल हसन नजमी व महासचिव वसीम हैदर ने सभी मातमी अन्जुमनों व अजादारों का शुक्रिया अदा किया। इस मौके पर पूर्व विधान परिषद सदस्य सिराज मेहंदी, मिर्जा जावेद सुल्तान, अफसर हुसैन अनमोल, अजीज हैदर हेलाल, हसनैन कमर दीपू , आरिफ हुसैनी, कमर भाई, डॉ. राहिल, बशीर खां, मीनू, बीका, मोनू, ताबिश जैदी, एसएम जैदी के साथ भारी संख्या में महिलाएं, पुरुष और बच्चे मौजूद रहे।

मोमिन की नमाज, नबी की आंखों की ठंडक -मौलाना असद


जौनपुर। नमाज एक ऐसी इबादत है जो किसी भी हालत में माफ़ नहीं है। नमाज नबी-ए-करीम (सअव) के आखों की ठंडक है। पांच वक्त की नमाज पढऩे वाला मोमिन हमेशा पाक और साफ़ रहता है। नमाज पढऩे से मोमिन के गुनाह माफ़ होते हैं और अल्लाह उस बन्दे से खुश रहता है। नमाज पढऩे से आपसी एखलाक और भाई चारा और एक दूसरे की मुसीबत में शरीक होने का जज्बा बढ़ता है। इसलिए आज के दौर में नमाज की पाबंदी हर मोमिन के लिए बहुत जरूरी है।
यह बात नगर के पुरानी बाजार में आयोजित अंजुमन जलस-ए-केरत को संबोधित करते हुए जामिया हुसैनिया लाल दरवाजा के मौलाना मोहम्मद असद कासमी ने कही। उन्होंने कहा  आज का मोमिन नमाज से दूर होता जा रहा है जिसकी वजह से जो परेशानियों का सबब है। हर मोमिन का यह फर्ज है कि वह खुद नमाज पढ़े। अपने बच्चों को भी नमाज पढऩे की तम्बीह करे और दूसरों को भी नमाज में अपने साथ मस्जिदों में लेकर जाए। एक हदीस का हवाला देते हुए उन्होंने कहा की नबी-ए-करीम सअ ने फरमाया की मोमिन की नमाज मेरे आखों की ठंडक है। नमाज पढऩे से आपसी एखलाक बढ़ता है, मोहब्बत बढ़ती है और सबसे बड़ी बात तो यह है की जब मोमिन नमाज से फारिग होता है तो उसे बेंइन्तेहा सुकून मिलता है। बावजूद इसके मुसलमान नमाज से गाफिल है जिसकी वजह से वह परेशान है। इसलिए हर मोमिन को यह चाहिए की वह नमाज पढ़े और अल्लाह से बसद ख़ुलूस अपने गुनाहों की मग्फेरत कराये साथ ही जो मांगना हो वह अल्लाह से मांगे क्यूकि अल्लाह बहुत ही करीम और रहम वाला है। जलसे का आगाज कारी जिया ने तिलावते कलामे पाक से किया। इसके बाद आजमगढ़ से आये नौशाद अहमद आजमी, पीसी विश्वकर्मा, मौलाना ताज, शादाब आजमी, मौलाना मोहम्मद सलमान, अब्दुल वहाब कुरैशी ने नाते नबी का नजरानए अकीदत पेश किया। इस मौके पर मोहम्मद फैजान , मंसूब कुरैशी, आसिफ कुरैशी, अरशद कुरैशी, मुहम्मद दानिश हाशमी, मोहम्मद अशरफ सहित सैकड़ों लोग जलसे में उपस्थित रहे।

Friday, 27 October 2017

उगते सूर्य को अघ्र्य दिया व्रती महिलाओं ने


घाटों पर उमड़ा आस्था का सैलाब, डाला छठ पर्व का समापन

जौनपुर। सूर्योपासना के महापर्व डाला छठ का शुुक्रवार को उगते सूर्य को अघ्र्य देने के साथ ही समापन हो गया। व्रती महिलाओं ने अपनी संतानों की दीर्घायु और स्वास्थ्य के लिए सूर्य देव और छठी मइया से मनोकामना की। इस मौके पर शहर की नहीं ग्रामीणांचलों में भी आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा।
शहर में तड़के से ही व्रती महिलाएं और उनके परिजन आदि गंगा गोमती के विभिन्न घाटों पर पहुंचने शुरु हो गए। सज-धज कर पहुंची व्रती महिलाओं ने नदी में घुटने भर पानी में जाकर उगते सूर्य को पूरी आस्था और श्रद्धा के साथ अघ्र्य दिया। हनुमान घाट, दुर्गा प्रतिमा विसर्जन घाट, गोपी घाट, सूरज घाट, अचला देवी घाट, पांचों शिवाला घाट आदि प्रमुख घाटों पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। व्रती महिलाओं ने सूर्य को अघ्र्य देने के बाद प्रसाद वितरित किया।
बदलापुर संवाददाता के अनुसार छठ पर्व पर व्रती महिलाओं की संख्या पिछली बार की अपेक्षा इस बार और बढ़ गई। कसबा स्थित स्टेशन रोड से व्रती महिलाएं छठ गीत गाती हुई समूह के रूप में भोर में बाजे-गाजे के साथ पोखरा पर पहुंचीं और उगते हुए सूर्य देव को अघ्र्य देकर व्रत का समापन किया। व्रती महिलाओं ने सुहाग की लंबी उम्र के लिए मांग भर सिंदूर लगाया। पोखरा पर मेला जैसा दृश्य नजर आया। इस अवसर पर सीमा सिंह, सुषमा सिंह, सरिता, नेहा सिंह, उन्नत सिंह, श्रवण तिवारी आदि मौजूद रहे। थानागद्दी संवाददाता के मुताबिक डाला छठ के महा पर्व पर शुक्रवार को व्रती सैकड़ों की संख्या में महिलाओं ने क्षेत्र के गोमती घाट गोबरा, बेहड़ा, बरैछाबीर घाट पर उगते सूर्य को अघ्र्य देकर पति, पुत्र सहित परिजन की दीर्घायु के लिए भगवान भाष्कर की पूजा अर्चना की। शाहगंज, खेतासराय, गौराबादशाहपुर, रामपुर, मडिय़ाहूं, केराकत, खुटहन, घनश्यामपुर, मछलीशहर, मुंगराबादशाहपुर, जंघई, रामपुर, रामदयालगंज, शीतलगंज, मुफ्तीगंज, जलालपुर आदि इलाकों मेें भी व्रती महिलाओं ने नदियों और पवित्र सरोवरों पर एकत्र होकर उगते सूर्य को अघ्र्य दिया।

Thursday, 26 October 2017

अस्ताचल सूर्य को व्रती महिलाओं दिया अघ्र्य


डाला छठ पर्व की शहर और ग्रामीणांचलों में रही धूम, आस्था का सैलाब दिखा 

जौनपुर। आस्था से परिपूर्ण सूर्योपासना के पर्व डाला छठ से पूरा जनपद भक्ति रंग में सराबोर हो गया। व्रती महिलाओं ने कार्तिक शुल्क की षष्ठी तिथि गुरुवार की शाम अस्ताचल सूर्य को अध्र्य देकर संतान की दीर्घायु और स्वास्थ्य की कामना की। शहर में गोमती किनारे विभिन्ना घाटों पर व्रती महिलाओं की भारी भीड़ रही। शुक्रवार को सवेरे उगते सूर्य को अध्र्य देने के साथ ही व्रत पर्व का समापन हो जाएगा। ग्रामीणांचलों में भी पर्व को लेकर खासा उत्साह रहा।
गुरुवार को सूर्यास्त से पहले ही मोहल्ले-मोहल्ले से सजी-धजी व्रती महिलाएं बाजे-गाजे के साथ अस्ताचल सूर्य को अघ्र्य देने के लिए समूह में  निकल पड़ीं। आगे-आगे पुरुष दौरी में शकरकंद, केला, सेब, गन्ना आदि फल आदि चढ़ावा के रूप में लेकर चल रहे थे। आदि गंगा गोमती में घुटने तक पानी में जाकर महिलाओं ने अस्ताचल सूर्य को अघ्र्य दिया। व्रती महिलाओं और उनके परिजन की भारी भीड़ के कारण हनुमान घाट, दुर्गा प्रतिमा विसर्जन घाट, नखास घाट सहित विभिन्न घाटों पर तिल रखने की जगह नहीं बची थी। ग्रामीणांचलों में भी इस व्रत पर्व को लेकर भारी उत्साह दिखा। ग्रामीणांचलों में महिलाओं ने नदियों के अलावा पवित्र सरोवरों में जाकर अस्ताचल सूर्य को अघ्र्य दिया। चौतरफा आस्था और उल्लास का सैलाब नजर आया। शुक्रवार को सवेरे उगते सूर्य को अघ्र्य दिए जाने के साथ ही इस पर्व का समापन हो जाएगा।
जिले में यह पर्व साल दर साल जोर पकड़ता जा रहा है। इसकी तैयारियां सप्ताह भर पहले से ही शुरु हो गईं थीं। पर्व के चलते फलों के दाम बढ़ गए। बावजूद इसके आस्थावान लोगों ने फलों की खरीद में तनिक भी कोताही नहीं की। खरीददारों की भीड़ से पिछले तीन दिन से बाजार गुलजार रहे। फलों, मिठाइयों और कपड़ों की दुकानों पर खरीददारों का तांता लगा रहा।

Monday, 23 October 2017

छेडख़ानी का आरोपी दे रहा धमकी



मडिय़ाहूं (जौनपुर)। छेडख़ानी के मामले में वांछित दबंग पीडि़ता और उसके परिजन को जान से मार डालने की धमकी दे रहा है। मामला कोतवाली क्षेत्र के बकिया गांव का है। घटना गत 3 अक्टूबर की है। उक्त गांव की स्कूल जा रही छात्रा से गांव के ही एक दबंग ने रास्ते में छेडख़ानी की। किसी तरह से उसके चंगुल से छूटी छात्रा भाग कर घर गई और अभिभावकों को आपबीती बताई। उसका पिता रोजी-रोटी कमाने की गरज से परदेस रहता है। उसकी मां उसे लेकर कोतवाली गई और नामजद आरोपी चंद्रमणि दुबे के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने धारा 323, 354, 506 एवं पाक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। आरोपी गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। पीडि़ता और उसकी मां का आरोप है कि दबंग और उसके परिजन शिकायत वापस ले लेने के लिए दबाव बना रहे हैं। धमकी दे रहे हैं कि ऐसा न करने पर उसे और उसके परिजन को जान से मार डालेंगे। पीडि़त परिवार ने पुलिस से जान-माल की रक्षा की गुहार लगाई है। 

Sunday, 22 October 2017

इमाम हुसैनसे मिलतीहै जुल्म से लडऩे की प्रेरणा: डा. केपी



कर्बलाके प्यासे शहीदों की यादमें लगी सबील

जौनपुर। कर्बला के प्यासे शहीद हजरत इमाम हुसैन और उनके 71 साथियों की शहादत की याद में हुसैन फार जस्टिस के बैनर तले रविवार को कोतवाली चौराहे पर विशाल सबील का आयोजन कर के लोगों को फल, बिस्किट, नमकीन, पानी पिलाने का कैम्प लगाया गया। सबील का उदघाटन सांसद डा. केपी सिंह, एमएलसी बृजेश सिंह प्रिंशु एवं धर्मगुरु मौलाना सफदर हुसैन जैदी ने किया।
इस मौके पर सांसद डा. केपी सिंह ने कहा कि हिंदुस्तान के सभी धर्मों के लोगों ने सदियों से इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की याद को जिंदा किया है। ये एक ऐसी विरासत है जो आज भी फल फूल रही है। आज हर भारतीय इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम से हर तरह के अन्याय और जुल्म से लडऩे के लिए प्रेरणा ले सकता है। एमएलसी बृजेश सिंह प्रिंशु ने कहा कि आज इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम और कर्बला का वाक्या दुनिया भर के करोड़ों आजादी और इन्साफ पसंद लोगों को प्रेरित और उत्साहित करता है। मुहर्रम और कर्बला की याद उन उसूलों और सिद्धान्तों को याद करने का मौका है जिनके लिए इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम खड़े हुए थे। धर्मगुरु मौलाना सफदर हुसैन जैदी ने कहा कि जब इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम से जालिमों ने घुटने टेकने को कहा तो उन्होंने इनकार कर दिया। इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम जानते थे कि उनके इनकार करने की वजह से उनको मौत का सामना करना पड़ेगा। अगर वो नाइंसाफी और जुल्म के सामने सर झुका देते तो फिर इंसानियत शर्मसार होती और ये उनके दीन के साथ विश्वासघात होता ऐसी स्तिथि में उन्होंने मौत को गले लगाने को सही समझा। आज उन्ही प्यासों की याद में सबील आयोजित हो रही है। इस मौके पर राज्य कर्मचारी संघ के अध्यक्ष राकेश श्रीवास्तव, पूर्व सभासद गप्पू मौर्य, शिया इंटर कालेज के नजमुल हसन नजमी, शहर कोतवाल शशिभूषण राय, सांसद प्रतिनिधि विनोद तिवारी, कमाल आजमी, सरदार हुसैन बबलू, रोहित खान, हसनैन कमर दीपू, परवेज हसन, अफसर, असगर हुसैन जैदी, प्रभाष मौर्य, तहसीन अब्बास सोनी, आकिफ हुसैनी, कुमैल, हमजा जैदी, फिरोज अहमद, आजम जैदी, अब्बास हैदर, कमर भाई, रिजवान हैदर राजा, मोहम्मद सोहराब सहितभारी संख्या में लोग मौजूद रहे।

धर्म दर्शन

 
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